
सपा प्रमुख अखिलेश यादव चाहकर भी विरोध नहीं कर पा रहे हैं. क्योंकि जिनके घर शीशे के होते हैं, वो दूसरों की घर में कैसे पत्थर मारे. दरअसल अखिलेश खुद ही सत्ता में रहते हुए सरकरी धन पर सैफई महोत्सव करते रहे हैं. ऐसे में वो कैसे गोरखपुर महोत्सव का विरोध करे. विरोध करते हैं तो खुद ही उनके शासन में हुए सैफई महोत्सव पर सवाल खड़े होंगे.
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