कासगंज में हिंसा के पीछे 'साजिश' की पड़ताल, जानें अब क्या हैं हालात

तीन दिन बाद भी कासगंज से दहशत दूर नहीं हो पाया है. पूरे शहर में या तो पुलिस की गश्ती दिखती है या फिर रैपिड एक्शन फोर्स की पहरेदारी. जब लगा कि हिंसा की आग बूझने लगी है तो रविवार की सुबह एक मेडिकल स्टोर को उपद्रवियों ने जलाकर खाक कर दिया. तिरंगा रैली और भारत माता के जयघोष पर जब सांप्रदायिक उन्माद के पत्थर फेंके गए तो शहर की शांति भंग होते देर नहीं लगी. तीन दिनों से यूपी पुलिस की पूरी ताकत कासगंज में लगी है लेकिन कानूनतंत्र की जगह लूटतंत्र हावी दिख रहा है.
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