
हजारों शिक्षाकर्मियों ने अपने बर्खास्त नेताओं की हालत देख कर मैदान छोड़ना ही मुनासिब समझा. जो शिक्षाकर्मी नेता बर्खास्त हो चुके हैं, उन्हें दोबारा काम पर रखा जाएगा कि नहीं इस बात पर अभी फैसला नहीं हो पाया है. लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बावजूद धरना प्रदर्शन में शामिल रहे उन शिक्षाकर्मियों को रिहा कर दिया गया है, जिन्हें पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया था.
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