Breaking News

अक्टूबर से मार्च तक दिल्ली में सांस लेना मना, हो जाएंगे बीमार!


CSE ( सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट) में सीनियर रिसर्चर पलाश मुखर्जी ने बताया कि जैसे जैसे तापमान में गिरावट शुरू होती है, हवा की रफ्तार में कमी आती हैं जिसकी वजह से धूल के कण और धुआं हवा में ही रहता है और हवा प्रदूषण बनकर हमारी सांसों में घुलती मिलती हैं.

No comments